भिलाई में मेंटेनेंस में देरी से गहराया जल संकट, बीस वार्डों में जलापूर्ति और टाउनशिप में बिजली ठप

दुर्ग ज़िले के भिलाई नगर निगम क्षेत्र और टाउनशिप में बुनियादी सुविधाओं के रख-रखाव में देरी के कारण नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सतहत्तर एमएलडी क्षमता वाले फिल्टर प्लांट के पाइप का वाल्व बटालियन के सामने अचानक फटने से निगम क्षेत्र के लगभग बीस वार्डों में सुबह पेयजल की आपूर्ति बाधित हो गई। इसके साथ ही टाउनशिप इलाके में कंडक्टर टूटने के कारण बारह घंटे से अधिक समय तक विद्युत वितरण व्यवस्था ठप रही।
नगर निगम प्रशासन द्वारा ग्रीष्म ऋतु के आगमन से पूर्व जनवरी और फरवरी माह में किए जाने वाले मेंटेनेंस कार्य इस वर्ष अप्रैल में शुरू किए गए हैं। योजना के अनुसार सतहत्तर और छियासठ एमएलडी फिल्टर प्लांट की प्रयोगशाला हेतु रसायनों व जरूरी उपकरणों की खरीद की जानी है। इसके अतिरिक्त क्लोरीन गैस रिफिलिंग तथा प्रयोगशाला में ई-कोलिफार्म बैक्टीरिया परीक्षण उपकरणों को पच्चीस अप्रैल तक लगाया जाना तय किया गया है। नियमित देखरेख में हुए विलंब के चलते पाइपलाइन में लीकेज और वाल्व संबंधी तकनीकी समस्याएँ सामने आई हैं।
वाल्व क्षतिग्रस्त होने की वजह से कैम्प, छावनी, खुर्सीपार, हाउसिंग बोर्ड, चंद्रा मौर्या, मदर टेरेसा नगर और वैशाली नगर के बड़े हिस्से में पेयजल संकट बना रहा। इसके अलावा वार्ड क्रमांक छब्बीस के अंतर्गत आने वाले रामनगर मुक्तिधाम, परियापारा, शिवाजी चौक और चांदनी चौक की बस्तियों में भी लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा। संयंत्र से जुड़ी नेहरू नगर, सुपेला और राधिका नगर की टंकियों में घटना से पहले पानी भर जाने के कारण वहाँ आंशिक आपूर्ति संभव हो सकी। वहीं रुआबांधा, रिसाली, मरोदा और नेवई क्षेत्रों में छियासठ एमएलडी संयंत्र के जरिए जलापूर्ति सुनिश्चित की गई।
प्रबंधन ने समय पर मेंटेनेंस कार्य पूरा कराने का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक पाइपलाइन की आवश्यक मरम्मत कर देर शाम तक आपूर्ति सामान्य करने का प्रयास किया गया। दूसरी ओर टाउनशिप क्षेत्र में नियमित मरम्मत न होने से लगातार दूसरे दिन भी दो घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रही, जिससे स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ गईं।