महतारी वंदन योजना: सक्ती की समुन्द बाई को मिल रहा नियमित आर्थिक सहयोग, नए वर्गों को जोड़ने की भी तैयारी

छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को लगातार वित्तीय सहायता दी जा रही है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार, सक्ती ज़िले की निवासी समुन्द बाई को इस योजना के तहत नियमित रूप से आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है। राज्य शासन की ओर से चलाई जा रही इस पहल का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और उन्हें सशक्त करना है।
शासकीय आंकड़ों और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, 1 मार्च 2024 को शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत 21 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु वर्ग की पात्र विवाहित महिलाओं को सालाना 12,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इसके तहत पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये सीधे भेजे जाते हैं। प्रदेश में वर्तमान में 68 से 70 लाख महिलाएं इस कार्यक्रम से लाभान्वित हो रही हैं। जनवरी 2026 में जारी 24वीं किस्त के दौरान 68 लाख 39 हज़ार से अधिक महिलाओं के खातों में 641 करोड़ 34 लाख रुपये की राशि अंतरित की गई थी, जबकि सरकार हर महीने योजना पर करीब 700 करोड़ रुपये का प्रावधान करती है।
योजना के प्रशासनिक ढांचे को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शासन ने महतारी वंदन मोबाइल ऐप और आधिकारिक पोर्टल भी उपलब्ध कराया है। इसके ज़रिये हितग्राही अपने भुगतान की स्थिति जांच सकते हैं, समस्याओं के समाधान के लिए शिकायत दर्ज करा सकते हैं और हितग्राही की मृत्यु की सूचना भी साझा कर सकते हैं।
इसके साथ ही, राज्य सरकार योजना से वंचित रह गए पात्र नागरिकों को जोड़ने के लिए पोर्टल को दोबारा खोलने की तैयारी में है। प्रशासनिक स्तर पर दिव्यांग महिलाओं, कुछ श्रेणी की अविवाहित युवतियों तथा ट्रांसजेंडर समुदाय को भी योजना के दायरे में लाने पर विचार चल रहा है। इसके लिए संबंधित विभागों से संभावित हितग्राहियों की संख्या, आयु और वित्तीय भार का ब्योरा जुटाया जा रहा है। समुन्द बाई जैसे पुराने लाभार्थियों को जहां नियमित भुगतान मिल रहा है, वहीं नए नियमों और पात्रता शर्तों के तय होने के बाद छूटे हुए लोगों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा सकते हैं।