दूरदराज के क्षेत्रों में वित्तीय और डिजिटल तंत्र के विस्तार पर मुख्यमंत्री का ज़ोर

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के दूरदराज वाले ग्रामीण इलाकों में वित्तीय तंत्र के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार शासन की प्राथमिकता सुदूर क्षेत्रों तक औपचारिक वित्तीय सेवाओं का विस्तार करना है, ताकि अंतिम छोर पर मौजूद नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं का सीधा लाभ मिल सके।
प्रशासनिक स्तर पर इस पहल का उद्देश्य किसानों, छोटे कारोबारियों और ग्रामीणों के लिए सामान्य लेन-देन की प्रक्रिया को आसान बनाना है। दूरस्थ अंचलों में बैंक शाखाओं और डिजिटल माध्यमों की सुलभता बढ़ने से शासकीय आर्थिक सहायता का अंतरण सुगम होगा। नीतिगत प्राथमिकताओं के तहत राज्य के सकल घरेलू उत्पाद को आगामी पाँच वर्षों के भीतर 5.05 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने की योजना तय की गई है। इस आर्थिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की उपलब्धता को आधारभूत माना गया है।
आधिकारिक विवरण के अनुसार राज्य सरकार कौशल विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और तकनीकी ढाँचे को आधुनिक स्वरूप दे रही है। छात्रों के लिए ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी कार्ड’ तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही नवा रायपुर में देश का पहला एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित करने की योजना है। आर्थिक सशक्तीकरण के लिए स्थानीय सुपर फूड्स के प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और प्राकृतिक औषधालयों के निर्माण की योजनाएँ भी प्रस्तावित हैं।
दूरस्थ अंचलों में निरंतर कनेक्टिविटी बनाए रखने के उद्देश्य से सौर ऊर्जा, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार राज्य के 100 गाँवों को पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा पर आधारित बनाने का प्रारूप तैयार हुआ है। नवा रायपुर के अधिकांश सरकारी कार्यालयों की छतों पर सोलर संयंत्र लगाए जा चुके हैं और मार्च 2026 तक 96 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। जनसंपर्क विभाग के अनुसार इन समन्वित प्रयासों से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित किया जा रहा है।