छत्तीसगढ़ में 2030 तक 5,000 स्टार्टअप और 10 लाख घरों में पाइपलाइन गैस का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने रखा आर्थिक रोडमैप

नई दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड लीडर्स फोरम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास और निवेश की संभावनाओं का खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश में 5,000 स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। युवाओं को रोज़गार सृजन से जोड़ने के उद्देश्य से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवाचार, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य की अर्थव्यवस्था का कुल आकार लगभग 6.31 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जिसमें विकास दर 11.57 प्रतिशत रही। इसके साथ ही प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 1,79,244 रुपये हो गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत 1.72 लाख करोड़ रुपये के बजट में अधोसंरचना निर्माण, पूंजीगत व्यय और सामाजिक कल्याण को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। राज्य सरकार का दावा है कि नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद प्रदेश में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
नागरिक सुविधाओं के अंतर्गत प्रदेश में पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) का विस्तार किया जा रहा है। शहरी गैस वितरण नीति के तहत राज्य भर के 10 लाख से अधिक घरों में पाइपलाइन से रसोई गैस पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित है। अकेले रायपुर में करीब एक लाख घरों को जोड़ने की योजना है। रायपुर के भनपुरी, टाटीबंध, सरोना, फाफाडीह और अवंति विहार के कुछ क्षेत्रों में गैस आपूर्ति शुरू हो चुकी है। राज्य भर में अब तक 35 हजार से अधिक घरों में मीटर लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग एक हजार आवासों में सक्रिय आपूर्ति शुरू हुई है। सरगुजा संभाग सहित बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और जगदलपुर जैसे शहरों में वितरण अधोसंरचना तैयार की जा रही है।
इधर, जनसंपर्क विभाग के एक आधिकारिक शीर्षक के अनुसार रायपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना और विकसित भारत से जुड़े विभिन्न कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए गए हैं।