शासन-प्रशासनरायपुर

रायपुर में 7 लाख के चरस और गांजे के साथ 5 तस्कर गिरफ्तार, नाइट क्लबों से जुड़े तार

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Jashapd1 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ दो अलग-अलग कार्रवाइयों में लगभग सात लाख रुपये कीमत के चरस और गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। रेलवे सुरक्षा तंत्र और रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट द्वारा चलाए गए इन अभियानों में अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े पांच तस्करों को हिरासत में लिया गया है। बरामद पदार्थों का नेटवर्क ओडिशा और मध्य प्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों तक फैला हुआ पाया गया है।

पहली घटना में रेलवे पुलिस ने एलटीटी एक्सप्रेस ट्रेन के एसी डिब्बे में दबिश देकर दो संदिग्धों को दबोचा। आरोपियों के पास मौजूद बैगों की बारीकी से ली गई तलाशी में 48 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार किए गए यात्रियों की पहचान दिल्ली निवासी रॉकी और चंडीगढ़ के रहने वाले विशाल के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ओडिशा के ढेंकनाल से नशीले पदार्थ लेकर भुसावल की ओर यात्रा कर रहे थे। प्रारंभिक छानबीन से ज्ञात हुआ है कि वे पूर्व में भी रायपुर के रास्ते गांजे की आपूर्ति कर चुके हैं।

दूसरी कार्रवाई में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने सिविल लाइन इलाके के एक होटल में दबिश दी। होटल के कमरे में मौजूद तीन लोगों को पकड़ा गया, जिनकी पहचान भोपाल निवासी सिद्धार्थ जयंत और शिवम तिवारी तथा रायपुर निवासी आदित्य लोखंडे के रूप में हुई। आरोपियों के पास से लगभग दो लाख रुपये मूल्य की 142 ग्राम चरस की पुड़ियां बरामद हुईं। पुलिस ने तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं।

जांच में सामने आया है कि भोपाल से लाई गई चरस की यह खेप रायपुर के कई चर्चित नाइट क्लबों में खपाई जानी थी। स्थानीय निवासी आदित्य लोखंडे यहां कारोबारियों और नेताओं से जुड़े युवाओं को यह सामग्री पहुंचाने में मदद कर रहा था। हालांकि, चरस का ऑर्डर देने वाले मुख्य खरीदारों पर पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। क्राइम यूनिट के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से सघन पूछताछ जारी है ताकि स्थानीय संपर्कों की पहचान की जा सके।

स्रोत