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रायपुर में आठवीं की छात्रा ने घर में लगाई फांसी, परिजनों ने शाला प्रबंधन पर प्रताड़ना का लगाया आरोप

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Rajesh12 / Wikimedia Commons (CC BY 3.0)

रायपुर ज़िले के अंतर्गत छत्तीसगढ़ नगर में स्थित सरस्वती शिक्षा मंदिर की आठवीं कक्षा में अध्ययनरत छात्रा आकांक्षा सेन ने अपने घर पर फांसी लगाकर जान दे दी। यह दुखद घटना सामने आने के उपरांत मृतका के परिवार वालों तथा क्षेत्रवासियों ने शाला के बाहर एकत्र होकर कड़ा विरोध प्रकट किया। इस संपूर्ण प्रकरण को लेकर टिकरापारा पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।

छात्रा के परिजनों का आरोप है कि विद्यालय में उसे कड़ी डांट-फटकार लगाई गई थी और मानसिक रूप से काफी सताया गया था। परिजनों के अनुसार शाला में हुए इसी व्यवहार के कारण क्षुब्ध होकर उसने अपने आवास में यह कठोर कदम उठाया। मौके पर पहुंचे पूर्व पार्षद देवेंद्र यादव के मुताबिक छात्रा की माता सोमवार शाम करीब चार बजे स्थिति की जानकारी लेने विद्यालय पहुंची थीं, किंतु उन्हें मुख्य द्वार से ही लौटा दिया गया तथा किसी से भेंट नहीं करने दी गई। उनका कहना है कि इस घटनाक्रम से छात्रा के अत्यधिक आहत होने की आशंका है।

दूसरी ओर संस्था की प्राचार्या इंद्राणी दुबे ने छात्राओं को किसी भी रूप में प्रताड़ित करने की बात से साफ़ इनकार किया है। प्रबंधन के अनुसार शुक्रवार नौ अक्टूबर को मध्याह्न अवकाश के दौरान खेल-कूद के समय आकांक्षा सहित चार छात्राओं द्वारा शिक्षिका गंगोत्री के संबंध में अनुचित टिप्पणी की गई थी। कक्षा छठवीं के विद्यार्थियों द्वारा इसकी जानकारी दिए जाने के बाद प्राचार्या ने चारों छात्राओं को बुलाकर पूछताछ की। प्राचार्या ने बताया कि उन्होंने केवल शिक्षिका के प्रति कहे गए शब्दों की जानकारी चाही थी और उन्हें बड़ों व शिक्षकों का आदर करने की सीख दी थी। पूछताछ के समय छात्राएं चुप रहीं, जिस पर उन्हें अगले दिन अभिभावकों संग आने का निर्देश दिया गया था।

पूर्व पार्षद के अनुसार शनिवार को विद्यालय में आयोजित पालक-शिक्षक बैठक में मृतका के पिता पहुंचे थे, किंतु उस दौरान प्रबंधन ने उनसे इस विषय में कोई चर्चा नहीं की। आरोप है कि सोमवार को छात्राओं को दोबारा बुलाकर अभिभावक न लाने की बात कही गई। सोमवार शाम साढ़े छह से सात बजे के मध्य छात्रा ने घर पर यह कदम उठाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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