रायपुर में सात लाख रुपये के गांजे व चरस के साथ पांच आरोपी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी रोकने के लिए चलाए गए अभियान में पुलिस और जीआरपी को सफलता मिली है। दो भिन्न अभियानों के तहत लगभग सात लाख रुपये मूल्य का गांजा एवं चरस जब्त किया गया। इस संबंध में भोपाल, दिल्ली, चंडीगढ़ तथा रायपुर के निवासी पांच संदिग्धों को पकड़ा गया है।
पहली कार्रवाई में रेलवे पुलिस ने एलटीटी एक्सप्रेस ट्रेन के वातानुकूलित कोच से दो लोगों को पकड़ा। उनके पास मौजूद बैगों की तलाशी में 48 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग पांच लाख रुपये है। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान दिल्ली निवासी रॉकी तथा चंडीगढ़ निवासी विशाल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी ओडिशा के ढेंकनाल से नशे का यह सामान लेकर महाराष्ट्र के भुसावल की तरफ जा रहे थे। यह भी ज्ञात हुआ है कि वे इससे पहले कई अवसरों पर रायपुर के मार्ग से गांजे की डिलीवरी कर चुके हैं।
दूसरी सफलता रायपुर पुलिस की विशेष एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट को सिविल लाइन क्षेत्र के एक होटल में छापेमारी के दौरान मिली। पुलिस दल ने सूचना के आधार पर होटल के एक कमरे में दबिश देकर तीन लोगों को रंगे हाथ दबोच लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में मध्य प्रदेश के भोपाल निवासी सिद्धार्थ जयंत और शिवम तिवारी तथा स्थानीय निवासी आदित्य लोखंडे शामिल हैं। इनकी तलाशी में पुड़ियों में रखा 142 ग्राम चरस मिला, जिसकी कीमत करीब दो लाख रुपये है।
छानबीन में पाया गया कि भोपाल से आए सिद्धार्थ और शिवम पहले भी रायपुर आ चुके हैं, जबकि आदित्य शहर में चरस की बिक्री कराने में उनकी मदद कर रहा था। इस चरस का उपयोग रायपुर के प्रमुख नाइट क्लबों में कारोबारियों और राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले युवाओं द्वारा किए जाने का इनपुट मिला है। पुलिस ने तीनों के मोबाइल फोन अपने पास ले लिए हैं। हालांकि जिसके कहने पर यह खेप भोपाल से यहाँ मंगवाई गई थी, उस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय खरीदारों का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।