रावघाट और कुरूद से रायपुर के लिए नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत

छत्तीसगढ़ में दो नए रेल मार्गों पर यात्री सेवाओं का औपचारिक आरंभ हुआ है। मंगलवार, 20 अक्टूबर को आयोजित एक समारोह में रावघाट से रायपुर तथा रायपुर से कुरूद के मध्य नई रेलगाड़ियों को हरी झंडी दिखाई गई। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रत्यक्ष उपस्थित रहे, जबकि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए। इस दौरान रायपुर में विद्युत रेल इंजन रखरखाव सुविधा की आधारशिला भी रखी गई।
जनसंपर्क विभाग और रेलवे से जुड़े विवरण के अनुसार, 1,628 करोड़ रुपए की लागत वाली 95 किलोमीटर लंबी दल्लीराजहरा-रावघाट रेल लाइन के तहत 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी-रावघाट खंड को तैयार कर यातायात हेतु खोल दिया गया है। इसके अलावा अभनपुर-धमतरी आमान परिवर्तन योजना के अंतर्गत 22 किलोमीटर लंबा अभनपुर-कुरूद ब्रॉडगेज हिस्सा भी अब परिचालन में आ चुका है। अधिकारियों ने बताया कि कुरूद से धमतरी के बीच बचे हुए हिस्से का कार्य भी प्रगति पर है।
विभागीय जानकारी के मुताबिक रायपुर और रावघाट के मध्य संचालित इस यात्री गाड़ी का किराया 55 रुपए रखा गया है। शासन का मानना है कि इस सेवा से उत्तर बस्तर और सुदूर क्षेत्रों के विद्यार्थियों, व्यापारियों व दैनिक यात्रियों को सुगम सफर मिलेगा। इसके साथ ही रावघाट इलाके से भिलाई इस्पात संयंत्र तथा अन्य उद्यमों तक कच्चे लोहे की आपूर्ति को गति मिलने की बात कही गई है। रायपुर में बनने वाले नए विद्युत लोकोमोटिव शेड में 300 तक उच्च क्षमता वाले रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता होगी।
समारोह में मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में राज्य को रेल बजट में 7,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि मिली है। वहीं रेल मंत्री ने पेंड्रा रोड-बिलासपुर-उसलापुर तीसरी लाइन और खरसिया-परमालकसा दोहरीकरण जैसी अन्य चालू परियोजनाओं का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल और अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।