छत्तीसगढ़: लोक निर्माण विभाग में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी के लिए लागू होगा ‘वमिस’

छत्तीसगढ़ शासन के लोक निर्माण विभाग में निर्माण परियोजनाओं की निगरानी और लेखा प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘वमिस’ यानी वर्क एंड एकाउंट मॉनिटरिंग इंटीग्रेशन सिस्टम लागू किया जा रहा है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तीव्र, सुगम और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह एकीकृत सॉफ्टवेयर आधारित व्यवस्था लाई जा रही है। नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने इस तकनीकी व्यवस्था की जानकारी साझा की।
जनसंपर्क विभाग के अनुसार, ‘लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण’ के ध्येय के साथ प्रदेश भर में अधोसंरचना विस्तार को गति दी जा रही है। इस नए सॉफ्टवेयर के क्रियान्वयन से विभागीय स्तर पर चल रहे कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी। शासन का कहना है कि परियोजनाओं की प्रगति की नियमित पड़ताल, समयबद्ध भुगतान और विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं के त्वरित निष्पादन के लिए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म उपयोगी सिद्ध होगा।
उपमुख्यमंत्री ने विभागीय समीक्षा का ब्योरा रखते हुए बताया कि लोक निर्माण विभाग राज्य का प्रमुख निर्माण विभाग है, जिसके माध्यम से बुनियादी विकास की नींव तैयार होती है। राज्य में सड़कों, पुल-पुलियों तथा शासकीय भवनों के निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए लगातार तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं। शासन के अनुसार, प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने के उद्देश्य से पारंपरिक कार्यप्रणाली को चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सूचना तकनीक से जोड़ा जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस प्रणाली के लागू होने के बाद परियोजनाओं की वित्तीय और तकनीकी स्वीकृतियों के साथ-साथ कार्यस्थल से जुड़े समस्त अभिलेखों का संधारण पूरी तरह डिजिटल रूप में किया जाएगा। इससे न केवल विभागीय जवाबदेही तय करने में सहायता मिलेगी, बल्कि निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन में लगने वाले अनावश्यक विलंब को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।