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लोकसभा सीटों में वृद्धि और उसके संभावित प्रभाव पर चर्चा

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ms Sarah Welch / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

लोकसभा की सीटें बढ़ाने से संबंधित विधेयक पेश करते समय केंद्र सरकार ने मौखिक आश्वासन दिया था कि सभी राज्यों की हिस्सेदारी आनुपातिक आधार पर पचास प्रतिशत बढ़ाई जाएगी।

इस संभावित वृद्धि से निचले सदन पर नियंत्रण रखने की राज्यसभा की भूमिका कमजोर हो सकती है। इसके साथ ही, लोकसभा की बैठकों के सीमित दिनों के कारण सांसदों को सदन में आवश्यक मुद्दों को उठाने के लिए पहले की तुलना में कम समय मिलेगा।

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