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शिक्षकों को श्वान गणना का दायित्व, रंग, जेंडर और व्यवहार दर्ज करने का सरकारी फरमान

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: bhaskar.com

राज्य में शिक्षकों को श्वान गणना से संबंधित दायित्व सौंपे जाने का मामला सामने आया है। शासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, शिक्षकों को अपने क्षेत्र में मौजूद श्वानों की कुल संख्या की गिनती करनी होगी। इस सर्वेक्षण कार्य के तहत शिक्षकों को श्वानों से संबंधित विभिन्न जानकारियों को एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्राप्त विवरण के अनुसार, गणना कार्य के दौरान शिक्षकों को प्रत्येक श्वान का रंग और उसका जेंडर स्पष्ट रूप से दर्ज करना होगा। इसके साथ ही शिक्षकों को इस बात की भी पड़ताल करनी होगी कि संबंधित श्वान शांत प्रकृति का है या फिर वह हिंसक अथवा आक्रामक व्यवहार वाला है। इस प्रकार के सभी बिंदु सर्वेक्षण के तहत एकत्र किए जाने वाले ब्योरे में शामिल किए गए हैं।

शिक्षकों से इस प्रकार की जानकारी जुटाने के निर्देश सामने आने के बाद यह विषय चर्चा में आ गया है। इस आदेश के माध्यम से शिक्षकों को श्वान गणना के दौरान उनके व्यवहार, शारीरिक रंग-रूप और जेंडर का संपूर्ण लेखा-जोखा तैयार करने का काम सौंपा गया है।

उल्लेखनीय है कि इस प्रशासनिक निर्देश के तहत शिक्षकों को श्वानों के स्वभाव का सटीक आकलन करने और उनकी विस्तृत पहचान संबंधी बिंदुओं को सूचीबद्ध करने के लिए निर्देशित किया गया है, जिसके आधार पर क्षेत्रवार गणना की प्रक्रिया पूरी की जानी है।

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