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श्री रामलला दर्शन योजना: 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए तीर्थ दर्शन, रायपुर से 850 यात्रियों का दल रवाना

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Sharada Prasad CS / Wikimedia Commons (CC BY 2.0)

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। जनसंपर्क विभाग के अनुसार यह विशेष योजना नागरिकों के लिए आस्था और आध्यात्मिक यात्रा का प्रमुख साधन बन गई है। इसी उपक्रम के तहत राजधानी रायपुर से आस्था की विशेष रेलगाड़ी के जरिए 850 तीर्थयात्रियों का एक जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना किया गया। यह दल अयोध्या में भगवान श्री रामलला के दर्शन करने के साथ ही काशी विश्वनाथ के भी दर्शन करेगा।

शासन के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों तक पहुँचाने के लिए यह प्रबंध कर रही है। रायपुर से रवाना हुए 850 यात्रियों के इस नए समूह को अयोध्या और काशी दोनों पवित्र धामों की यात्रा का अवसर मिलेगा। प्रशासनिक स्तर पर इस यात्रा को लेकर आवश्यक तैयारियाँ की गई हैं। जनसंपर्क विभाग का कहना है कि यह पूरी पहल आम जनता के बीच धार्मिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को प्रोत्साहित कर रही है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विभिन्न अवसरों पर छत्तीसगढ़ और भगवान श्रीराम के गहरे धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन जन्मभूमि है, जिसके चलते यह समूचा प्रदेश भगवान श्रीराम का ननिहाल माना जाता है। इसी आस्था और सामाजिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए राज्य में धार्मिक पर्यटन और तीर्थाटन से जुड़े इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया जा रहा है।

जनसंपर्क विभाग के अनुसार इस योजना के जरिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को धार्मिक केंद्रों तक पहुँचाया जा चुका है। रायपुर से रवाना हुई आस्था की विशेष रेल के माध्यम से यात्रियों को दोनों प्रमुख धामों के दर्शन सुलभ कराए जा रहे हैं। शासन का कहना है कि राज्य के नागरिकों को तीर्थाटन से जोड़ने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत हो सके।

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