सक्ती में 121.70 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत, 3.65 लाख नए आवासों की घोषणा

छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में कुल 121.70 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 38 विकास परियोजनाओं की औपचारिक शुरुआत की गई है। ग्राम जेठा स्थित कॉलेज मैदान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। इस अवसर पर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य एवं उच्च शिक्षा से जुड़े नए निर्माण कार्यों की नींव रखी गई और तैयार हो चुके भवनों का लोकार्पण संपन्न हुआ।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार 7,925.02 लाख रुपये के 23 नए निर्माण कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही 4,245.65 लाख रुपये की लागत से तैयार 15 निर्माण कार्यों को लोकार्पित किया गया। सड़क संपर्क को बेहतर करने के उद्देश्य से 22 किलोमीटर लंबे देवरघटा से सपिया मार्ग, छुहीपाली से सेमराडीह, अण्डी से सातबहिनिया तथा नगझर से नवापारा मार्ग के निर्माण व चौड़ीकरण के कार्य शामिल किए गए हैं।
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए बसंतपुर, साराडीह, पेंडरुवा, कटेकोनी बड़े, ठनगन, फरसवानी, तुषार और करौंवाडीह में उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का निर्माण प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त शासकीय कन्या महाविद्यालय सक्ती और मालखरौदा के बेदराम शासकीय महाविद्यालय के नए भवनों समेत एक लाइवलीहुड संस्थान का भूमिपूजन किया गया। पुलिस लाइन नंदौरखुर्द में आधुनिक शस्त्रागार भवन तथा जेठा, अचानकपुर और सिंघरा में महतारी सदन का निर्माण भी इन योजनाओं का हिस्सा है।
समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री ने ज़िले में एक नया कृषि विज्ञान केंद्र खोलने का एलान किया, जिससे किसानों को समन्वित खेती और वैज्ञानिक मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत राज्य को 4,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 3,65,159 अतिरिक्त पक्के मकान स्वीकृत किए गए हैं। आयोजन में करीब दो लाख पूर्ण हो चुके आवासों के हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से गृह प्रवेश कराकर चाबियां सौंपी गईं। इसके साथ ही बस्तर संभाग में ग्रामीण आवास सर्वेक्षण की समय-सीमा बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार राज्य में आवासहीनों को पक्के मकान उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है और पिछले ढाई वर्षों में 11.50 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए जा चुके हैं।