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सरगुजा ओलंपिक में प्रशासनिक लापरवाही, देर रात तक गांधी स्टेडियम में फंसे रहे सीतापुर के खिलाड़ी

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Palickap / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

सरगुजा ओलंपिक की जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता के समापन के उपरांत सीतापुर ब्लॉक के करीब पचास प्रतिभागी आवागमन का साधन न मिलने के कारण अंबिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में देर रात तक फंसे रहे। स्पर्धा संपन्न होते ही व्यवस्थापक और जिम्मेदार अफसर स्थल से चले गए। इस कारण स्कूली एवं महाविद्यालयीन छात्र-छात्राएं भोजन तथा पानी के अभाव में कई घंटों तक परेशान होते रहे।

प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के तहत ब्लॉक स्तरीय आयोजन एवं चयनित दलों को जिला मुख्यालय लाने-ले जाने के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत सीईओ को तीन-तीन लाख रुपये की राशि जारी की गई थी। गुरुवार को जिला स्तरीय प्रतिस्पर्धा खत्म होने के बाद सभी जनपदों को अपने दलों की वापसी सुनिश्चित करनी थी। सीतापुर के खिलाड़ियों को शाम चार बजे बस से प्रस्थान कराना निर्धारित था, लेकिन नियत समय पर कोई गाड़ी नहीं पहुंची। अधिकारी भी मैदान छोड़कर चले गए, जिसके चलते केवल प्रतिभागी ही परिसर के बाहर खड़े रहे।

रात करीब साढ़े दस से ग्यारह बजे तक कोई वाहन न आने पर बच्चों ने स्थानीय नागरिकों की मदद से सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो को वीडियो कॉल लगाकर आपबीती सुनाई। विधायक ने अव्यवस्था पर अप्रसन्नता प्रकट करते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से बात की। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में सक्रियता बढ़ी और कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी रोमा श्रीवास्तव गांधी स्टेडियम पहुंचीं।

मौके पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ललित शुक्ला और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित हुए। प्रशासनिक दल पहले सभी भूखे बच्चों को नवापारा स्थित आदिवासी विकास विभाग के छात्रावास ले गया, जहां आधी रात को उनके लिए भोजन तैयार कराया गया। इसके पश्चात दो बसों का प्रबंध कर देर रात सभी प्रतिभागियों को सीतापुर रवाना किया गया। अधिकारियों ने प्रत्येक खिलाड़ी को उसके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की हिदायत दी। लगभग अठारह सौ खिलाड़ियों की सहभागिता वाली इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता के अगले चरण में संभाग स्तरीय मुकाबले कराए जाने हैं।

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