छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में अध्यक्ष का पद खाली, साक्षात्कार और पदोन्नति की प्रक्रिया रुकी

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में शीर्ष पद रिक्त होने से राज्य की नई प्रशासनिक नियुक्तियों और विभागीय पदोन्नति की व्यवस्था प्रभावित हुई है। पूर्व अध्यक्ष रीता शांडिल्य 8 सितंबर 2026 को 62 वर्ष की आयु पूरी कर सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। उनके पदमुक्त होने के पंद्रह दिन बीत जाने के बाद भी शासन ने आयोग में किसी नए नियमित अथवा कार्यकारी अध्यक्ष की पदस्थापना नहीं की है।
आयोग में नेतृत्व का पद खाली रहने के कारण राज्य सेवा परीक्षा-2025 के साक्षात्कार टालने पड़े हैं। इस चयन प्रक्रिया के माध्यम से बीस विभिन्न विभागों में डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी समेत कुल 265 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के अभिलेखों का सत्यापन और साक्षात्कार 20 सितंबर से 1 अक्टूबर के मध्य आयोजित होना तय था। आयोग के नियमानुसार साक्षात्कार बोर्ड के गठन तथा पूरी चयन प्रक्रिया के संचालन के लिए पूर्णकालिक अथवा कार्यकारी अध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य रहती है। इस व्यवस्था के अभाव में आयोग ने अपरिहार्य कारणों का हवाला देकर साक्षात्कार कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया है।
इस गतिरोध से उच्च शिक्षा विभाग में सेवारत अधिकारियों की पदोन्नति भी बाधित हुई है। विभाग के अंतर्गत सौ से अधिक प्राध्यापकों को प्राचार्य के पद पर पदोन्नत करने के लिए विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक प्रस्तावित थी। आयोग में प्रक्रिया लंबित होने के चलते यह बैठक आयोजित नहीं हो सकी है, जिससे शासकीय महाविद्यालयों में रिक्त प्राचार्य पद भरने का काम रुक गया है। साथ ही नई भर्तियों के आगामी विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया भी ठहर गई है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पच्चीस वर्षों के इतिहास में यह छठा अवसर है जब नियमित और कार्यकारी दोनों शीर्ष पद एक साथ खाली हैं। इससे पहले वर्ष 2008 में तैंतीस दिन और वर्ष 2023 में छब्बीस दिन तक आयोग बिना अध्यक्ष के रहा था। वर्ष 2001 से अब तक आयोग में आठ नियमित और छह कार्यकारी अध्यक्ष दायित्व संभाल चुके हैं। नियमित अध्यक्षों में मोहन शुक्ला, अशोक दरबारी, बीएल ठाकुर, प्रो. (डॉ.) प्रदीप कुमार जोशी, आरएस विश्वकर्मा, केआर पिस्दा, टामन सिंह सोनवानी और रीता शांडिल्य शामिल रहे हैं। पूर्व निर्धारित सेवानिवृत्ति के बावजूद नई नियुक्ति न होने से प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।