
रूसी प्रतिबंध कानून पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रतिनिधिमंडल के समक्ष उठाई चिंताएँ
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में नए रूसी प्रतिबंध कानून का मुद्दा उठाया।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में नए रूसी प्रतिबंध कानून का मुद्दा उठाया।

विदेश मंत्री जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ बैठक में रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भारत की चिंताओं को सामने रखा।

विदेश मंत्री के अनुसार भारत और कनाडा अपने आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत तथा उच्च स्तर पर ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध अपने नागरिकों और सीमाओं की रक्षा के अधिकार को दोहराया है। भारत ने स्पष्ट किया कि वह आतंकी गतिविधियों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रमों के इतर भारत और रूस के बीच प्रस्तावित वार्षिक शिखर सम्मेलन को लेकर संवाद हुआ है।

अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने से जुड़ा ईरान का प्रस्ताव खारिज कर दिया है।

चार यूरोपीय देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सदस्य बनाए जाने का खुला समर्थन किया है। उनका मानना है कि वैश्विक मंच पर भारत की मौजूदगी आवश्यक है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति के मार्ग में लगातार बना रहने वाला एक गंभीर संकट है।

वाशिंगटन भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जरूरी आपूर्ति प्रदान करने को तैयार है। इस कदम से दोनों पक्षों के मध्य ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

शरीफ की युद्ध संबंधी धमकी के बाद भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में जयशंकर ने पाकिस्तान और 4एफ संकट सहित विभिन्न अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी।

संयुक्त राष्ट्र में एस. जयशंकर ने पिछले दिन के बयानों का उल्लेख करते हुए आतंकवाद को सामान्य बनाने के तर्कों पर बात की और भारत के आत्मरक्षा के अधिकार की पुष्टि की।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर यूएनजीए के उच्च स्तरीय सत्र में भाग लेने के लिए अमेरिका का दौरा करेंगे। इस दौरान रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े विधेयक पर भी चर्चा की संभावना है।

पश्चिम एशिया क्षेत्र भारत के साथ अपने संबंधों को और गहरा तथा मजबूत बनाने का इच्छुक दिखाई दे रहा है।

विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में एक पाकिस्तानी पत्रकार को कड़ा जवाब देते हुए कहा कि यह प्रश्न एक आतंकी देश द्वारा पूछा जा रहा है।

अमेरिका और चीन की उच्चस्तरीय वार्ता में द्विपक्षीय व्यापार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहे।

उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षणों को बंद करने से जुड़ा आह्वान अस्वीकार कर दिया है। देश ने इस संबंध में की गई मांग को मानने से इनकार किया है।

नेपाल में आई भीषण अचानक बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की संख्या 10,000 तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। यह बात वहां के वित्त मंत्री ने कही है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में भाग लेने अमेरिका की यात्रा करेंगे। इस दौरान रूस से जुड़े प्रतिबंध विधेयक पर भी चर्चा होने की संभावना है।

अमेरिका और ईरान होर्मुज जलमार्ग को दोबारा खोलने के मकसद से एक चरणबद्ध समझौते के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के लिए स्थायी सीट अभी भी एक दूरगामी लक्ष्य बनी हुई है। वैश्विक संगठन के भीतर देश के इस स्थायी स्थान को लेकर स्थिति लगातार स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में दस अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई है।

नेपाल के वित्त मंत्री के अनुसार देश में आई अचानक बाढ़ के कारण जान गंवाने वालों की संख्या 10,000 तक पहुंच सकती है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका में कहा कि विकासशील देश वैश्विक संकटों से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं, फिर भी निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी बेहद सीमित है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था के विफल होने पर आम सहमति बन चुकी है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मार्को रुबियो के साथ हुई चर्चा में रूस पर लगे प्रतिबंधों से जुड़ी भारत की चिंताओं को सामने रखा।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से विकासशील देशों के बीच एकजुटता और सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता रेखांकित की है। वैश्विक मंच पर विकासशील देशों की प्राथमिकताओं को प्रमुखता दी गई।

चार यूरोपीय देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का पुरजोर समर्थन किया है। उनका मानना है कि वैश्विक मंच पर भारत की उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है।

अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पूर्व चीन ने सख्त रुख अपनाया है। बीजिंग ने अपनी सीमाओं और संवेदनशील मुद्दों को लेकर स्पष्ट चेतावनी जारी की है।

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद को अपना समर्थन पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद करना होगा। पिछले वर्ष हुए पहलगाम हमले के बाद से ही नई दिल्ली का यह स्पष्ट रुख रहा है।