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छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026: कार्यकारी समिति की पहली बैठक में नियमों और जोखिम वर्गीकरण पर समीक्षा

छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 के क्रियान्वयन को लेकर मंत्रालय महानदी भवन में कार्यकारी समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई इस समीक्षा बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग सहित प्रमुख विभागों के सुधार प्रस्तावों, जोखिम-आधारित वर्गीकरण और ईओडीबी नियमों के चरणबद्ध क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।

जनसंपर्क विभाग और आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, उद्योगों तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन से जुड़ी अनुमतियों के लिए भवनों के स्वरूप, ऊंचाई और निर्मित क्षेत्र के आधार पर जोखिम श्रेणियों का निर्धारण किया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में कम जोखिम वाली गतिविधियों को स्व-प्रमाणीकरण व स्व-घोषणा के आधार पर तुरंत स्वीकृति देने तथा निरीक्षण से राहत देने पर विचार हुआ। मध्यम जोखिम वाले मामलों में अधिकृत विशेषज्ञों और थर्ड पार्टी प्रमाणीकरण के माध्यम से समयबद्ध मंजूरी का प्रावधान रखा गया है। वहीं उच्च जोखिम वाले उपक्रमों में निर्धारित सुरक्षा मानकों, अग्निशमन नियमों और जन-सुरक्षा के आधार पर विभागीय भौतिक निरीक्षण के बाद ही अनुमति जारी की जाएगी।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्तुतीकरण के हवाले से बताया गया कि कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला सशक्त समिति, कार्यकारी परिषद और कार्यकारी समिति की प्रक्रियाओं को समयबद्ध सीमा के भीतर अधिसूचित कर दिया गया है। बैठक में नगरीय प्रशासन, आबकारी, आवास एवं पर्यावरण, उद्योग, गृह-अग्निशमन, संस्कृति, जल संसाधन और लोक निर्माण विभाग की व्यावसायिक सेवाओं के जोखिम वर्गीकरण, लोक सेवा गारंटी समय-सीमा और सिंगल विंडो पोर्टल एकीकरण की स्थिति जांची गई। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को नियमों के प्रारूप पर अपने अंतिम सुझाव त्वरित रूप से भेजने के निर्देश दिए, ताकि सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को पारदर्शी और डिजिटल वातावरण मिल सके।

बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष कुमार ठाकुर, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता और ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर उपस्थित थे।

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