योजनारायपुर

छत्तीसगढ़ कैबिनेट: मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन मंजूर, कर्मचारियों के लिए आयु सीमा बढ़कर 45 वर्ष

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: DesiBoy101 / Wikimedia Commons (CC BY 4.0)

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में स्वरोजगार, नवाचार और तकनीकी दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मिशन के तहत अगले पांच वर्षों के दौरान 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, ताकि युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय उद्यमिता के क्षेत्र से जोड़ा जा सके।

मिशन की कार्ययोजना के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण के लिए 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और पांच इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर तैयार किए जाएंगे। औद्योगिक इकाइयों की मांग के अनुसार युवाओं को तैयार करने के लिए ‘निपुण जॉब इंजन’ की व्यवस्था होगी, जिससे प्रशिक्षित अभ्यर्थियों को सीधे औपचारिक क्षेत्र के रोजगार से जोड़ा जा सकेगा।

मंत्रिपरिषद ने कौशल प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना को भी स्वीकृति दी। इसके लिए केंद्र सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ जमीन निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। लगभग 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस संस्थान में प्रतिवर्ष दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में 1,000 और अल्पकालिक कार्यक्रमों में 3,000 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है।

कैबिनेट ने राज्य शासन के स्थायी एवं अस्थायी कर्मचारियों, निगम-मंडल व स्वशासी संस्थाओं के कर्मियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को भी राहत दी है। इन कर्मियों के लिए अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष कर दी गई है।

बैठक में राज्य के उत्पादों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी मंजूरी दी गई। इसके जरिए लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स और व्यापार मेलों के माध्यम से कृषि व औद्योगिक उत्पादों के निर्यात को गति दी जाएगी। साथ ही दुर्ग में नए जिला न्यायालय भवन के निर्माण हेतु भूमि आवंटन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

स्रोत