योजनारायपुर

छत्तीसगढ़: वीबी-जीरामजी में अब 375 कार्य होंगे अनुमेय, बजट में 4000 करोड़ रुपये का प्रावधान

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Raunak005 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ शासन ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी के तहत अनुमेय कार्यों की सूची में बढ़ोतरी की है। आधिकारिक विवरण और जनसंपर्क विभाग के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत अब 375 प्रकार की विकास गतिविधियों को मंजूरी मिल सकेगी। इससे पहले इस व्यवस्था में 318 श्रेणियों के कार्य शामिल थे, जिनमें अब 57 नए कार्यों को जोड़ा गया है।

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के सुचारु संचालन के लिए 4000 करोड़ रुपये की धनराशि निर्धारित की है। शासन के अनुसार, इस बजट आवंटन और कार्यक्षेत्र के विस्तार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है।

योजना के संशोधित ढांचे में मजदूरी आधारित गतिविधियों के साथ कई बुनियादी क्षेत्रों को शामिल किया गया है। नए प्रावधानों के तहत जल संरक्षण, संपर्क मार्ग, स्कूल, पंचायत सचिवालय भवन, कृषि अधोसंरचना, पशुपालन संवर्धन, आजीविका के साधन और आपदा प्रबंधन से जुड़े निर्माण कार्य स्वीकृत किए जा सकेंगे। शासन का दावा है कि इन विविध परियोजनाओं से गांवों में दीर्घकालिक उपयोग वाली अधोसंरचनाएं तैयार होंगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, वीबी-जीरामजी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों का विस्तार किया जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित राज्य के अन्य जिलों में इन विकास कार्यों को तय दिशा-निर्देशों के तहत संचालित करने की प्रक्रिया जारी है। जनसंपर्क विभाग की विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य शासन ग्रामीण अंचलों में मजबूत परिसंपत्तियों के निर्माण और स्थानीय कार्यबल को आजीविका देने के लिए इस योजना को गति दे रहा है।

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