छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड: एकमुश्त बकाया चुकाने पर ब्याज व जल शुल्क सरचार्ज में पचास फीसदी छूट, 30 नवंबर तक अवसर

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने किस्तों के बकाएदारों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त भुगतान करने पर विलंबित ब्याज तथा वाटर चार्ज के सरचार्ज में 50 प्रतिशत छूट देने का निर्णय लिया है। यह फैसला नवा रायपुर स्थित मंडल मुख्यालय में आयोजित 87वीं बोर्ड बैठक के दौरान लिया गया। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए आवंटियों को 30 नवंबर 2026 तक अपनी पूरी बकाया राशि एक साथ जमा करनी होगी।
मंडल के रिकॉर्ड के अनुसार वर्तमान में कुल 2087 आवंटियों पर लगभग 148.60 करोड़ रुपए की देनदारी शेष है। इस लंबित राशि में करीब 136 करोड़ रुपए मूलधन के रूप में तथा 12.60 करोड़ रुपए ब्याज मद में शामिल हैं। लंबे समय से अटके इस राजस्व की त्वरित वसूली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोर्ड ने ब्याज में राहत देने की यह योजना लागू की है। बैठक की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने की, जिसमें मंडल आयुक्त अवनीश कुमार शरण भी उपस्थित रहे।
बैठक में बहुमंजिला आवासीय और व्यावसायिक परिसरों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए फायर सेफ्टी ऑडिट कराने की सहमति दी गई। इसके लिए योग्य विशेषज्ञों और पेशेवर फर्मों को सूचीबद्ध किया जाएगा, जो भवनों में मौजूद अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन प्रणालियों और तय सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच करेंगे। जांच में सामने आने वाली तकनीकी कमियों को तय समय सीमा के भीतर सुधारा जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्य भर में संचालित विभिन्न आवासीय योजनाओं के निर्माण और बुनियादी विकास कार्यों के वास्ते लगभग 55 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं के तहत रायपुर स्थित क्वींस क्लब ऑफ इंडिया के विकास, संचालन तथा देखरेख के लिए पीपीपी मॉडल पर लाइसेंस आधार पर निजी एजेंसी के चयन को हरी झंडी दी गई। बिना पूर्व अनुमति बेची गई संपत्तियों के नामांतरण पर दोगुना शुल्क लगाकर नियमित करने का प्रावधान किया गया है। शैक्षणिक प्रयोजनों के लिए आरक्षित भूखंडों से जुड़े निर्देश-2026 के तहत विकसित भूमि के प्रीमियम नियमों में भी आंशिक संशोधन हुआ। पर्यावरण अनुकूल परिवहन को गति देने के लिए मंडल अपनी चयनित भूमि पर लाइसेंस शुल्क मॉडल के तहत निजी कंपनियों के माध्यम से ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित कराएगा, जिनकी स्थापना और संचालन की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी।