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रायपुर : डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना: राशन कार्ड से कैशलेस उपचार, जानिए पात्रता और प्रक्रिया

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Prabhat1729 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में राज्य शासन द्वारा संचालित डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत पंजीकृत सरकारी और निजी चिकित्सालयों में राशन कार्डधारियों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। योजना के प्रावधानों के अनुसार अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के राशन कार्डधारी परिवारों को प्रतिवर्ष अधिकतम पाँच लाख रुपये तक निःशुल्क चिकित्सा सुविधा मिलती है। वहीं सामान्य राशन कार्ड वाले परिवारों के लिए यह वार्षिक सीमा पचास हज़ार रुपये निर्धारित है। यदि किसी गरीब परिवार का खर्च पाँच लाख रुपये से अधिक आता है तो उसके लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना में अलग से आवेदन का विकल्प दिया गया है।

प्रशासन ने चिकित्सालयों में भर्ती के दौरान पूर्व में अनिवार्य किए गए स्मार्ट कार्ड की बाध्यता समाप्त कर दी है। अब हितग्राही अस्पताल में केवल अपना राशन कार्ड और आधार कार्ड अथवा ड्राइविंग लाइसेंस जैसा कोई अन्य वैध शासकीय पहचान पत्र प्रस्तुत कर इलाज करा सकते हैं। जिन नागरिकों का नाम सामाजिक, आर्थिक एवं जातीय सर्वेक्षण की सूची में दर्ज है, वे भी इस व्यवस्था के पात्र हैं। पंजीकृत अस्पतालों में पदस्थ आयुष्मान मित्र राशन कार्ड संख्या के जरिए पात्रता का सत्यापन कर मरीज का पंजीयन पूर्ण कराते हैं। इसके अलावा नौ सौ से अधिक च्वाइस सेंटरों और चिकित्सालयों में ई-कार्ड जारी करने की व्यवस्था भी की गई है।

राज्य में पूर्व से चल रही कई चिकित्सा योजनाओं को एकीकृत कर यह एकल व्यवस्था बनाई गई थी। इसमें आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, संजीवनी सहायता कोष, चिरायु, मुख्यमंत्री बाल हृदय सुरक्षा और बाल श्रवण जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके माध्यम से कैंसर, हृदय, फेफड़े, यकृत, अग्नाशय और गुर्दा रोगों के गंभीर उपचार के साथ सात वर्ष तक के बच्चों के कॉकलियर इम्प्लांट की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

हालाँकि योजना के क्रियान्वयन में कुछ व्यवहारिक अड़चनें भी देखी गई हैं। खाद्य विभाग के पोर्टल में नाम न मिलने पर कई नागरिकों को निःशुल्क सेवा से वंचित होना पड़ता है। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल सहित प्रमुख केंद्रों में सहायता काउंटर लगाए गए हैं, फिर भी कुछ निजी संस्थानों द्वारा पैकेज दर कम बताकर अतिरिक्त राशि वसूलने या उपचार से मना करने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों पर स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारियों ने संबंधित अस्पतालों को नोटिस भी जारी किए हैं। सहायता के लिए विभागीय हेल्पलाइन नंबर 0771-4095198 जारी किया गया है।

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