दल्लीराजहरा-रावघाट परियोजना के ताड़ोकी-रावघाट खंड पर विशेष ट्रेन से सुरक्षा परीक्षण पूरा

दक्षिण छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में रेल विस्तार परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के मध्य नवनिर्मित रेल मार्ग पर सुरक्षा परीक्षण पूरा कर लिया गया है। दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के इस हिस्से में पटरी बिछाने और विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद विशेष निरीक्षण ट्रेन चलाकर ट्रैक की जांच की गई। ताड़ोकी से रावघाट के बीच लगभग 17 किलोमीटर लंबे इस नव-निर्मित ब्रॉडगेज खंड पर ट्रेन का परिचालन कर तकनीकी व्यवस्थाओं को परखा गया।
रेल सुरक्षा आयुक्त सुमीत सिंघल के नेतृत्व में रेलवे अधिकारियों की टीम ने विशेष ट्रेन से रावघाट स्टेशन पहुंचकर पूरे रेलखंड का मुआयना किया। इस दौरान अधिकारियों के दल ने नवनिर्मित ट्रैक की मजबूती, ओवरहेड विद्युतीकरण संरचना, सिग्नलिंग प्रणाली, स्टेशन भवन और यात्री परिचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों का विस्तृत निरीक्षण किया।
अधिकारियों के अनुसार, रेल सुरक्षा आयुक्त द्वारा इस निरीक्षण की औपचारिक सुरक्षा रिपोर्ट सौंपी जाएगी। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली किसी भी संभावित तकनीकी कमी को दूर करने के बाद ही इस रेल मार्ग पर नियमित यात्री रेलगाड़ियों के परिचालन की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके बाद स्टेशन और सिग्नल की अंतिम मंजूरी से नियमित परिचालन का मार्ग प्रशस्त होगा।
दल्लीराजहरा से रावघाट तक लगभग 95 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना लंबे समय से कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सुरक्षा चुनौतियों के कारण प्रभावित रही थी। सुरक्षा व्यवस्था में आए सुधार के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई गई, जिसके परिणामस्वरूप यह खंड अब परीक्षण के स्तर तक पहुंच गया है।
जनसंपर्क विभाग और संबंधित अधिकारियों के अनुसार, इस रेल मार्ग के सक्रिय होने से रावघाट और निकटवर्ती इलाकों के लोगों को दुर्ग तथा रायपुर समेत प्रदेश के प्रमुख शहरों से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने का रास्ता साफ होगा। इससे स्थानीय स्तर पर आवागमन सुगम होने के साथ-साथ व्यापार और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि की उम्मीद जताई गई है। रावघाट तक काम पूरा होने के बाद परियोजना के अगले चरण को जगदलपुर से जोड़ने की प्रक्रिया को गति दी जाएगी।