योजनारायपुर

मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण पर केंद्र और छत्तीसगढ़ शासन के बीच हुआ अनुबंध

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Ms Sarah Welch / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

छत्तीसगढ़ में विमानन अधोसंरचना और हवाई आवागमन के दायरे को बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य शासन तथा भारत सरकार के बीच मॉडिफाइड उड़ान योजना के नए चरण का समझौता संपन्न हुआ है। नई दिल्ली में आयोजित औपचारिक कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ शासन की ओर से विमानन सचिव मुकेश बंसल ने इस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को राज्य के समग्र विकास और क्षेत्रीय दूरियों को कम करने की दिशा में आवश्यक बताया है। शासन के अनुसार, इस समझौते का मुख्य लक्ष्य प्रमुख शहरों के अलावा मझोले नगरों और दूरस्थ ग्रामीण अंचलों को नियमित हवाई सेवाओं के तंत्र से जोड़ना है। इसके तहत राज्य में नई विमानन सेवाओं की शुरुआत, मौजूद हवाई पट्टियों का आधुनिकीकरण और सीमांत क्षेत्रों में हेली-कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा।

योजना के निर्धारित लक्ष्यों के तहत देशभर में वर्तमान में अप्रयुक्त पड़ी हवाई पट्टियों को पुनर्जीवित कर 100 नए हवाई अड्डे तैयार करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही सुदूर भौगोलिक क्षेत्रों में 200 आधुनिक हेलीपैड स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य शासन का आकलन है कि इस राष्ट्रीय नेटवर्क से सीधे जुड़ने पर छत्तीसगढ़ के परिवहन ढांचे को मजबूती मिलेगी।

प्रशासनिक बयानों के मुताबिक, बेहतर हवाई नेटवर्क बनने से आम नागरिकों की यात्रा सुगम होगी और साथ ही वाणिज्यिक गतिविधियों, निजी निवेश, पर्यटन और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलेगा। राज्य के सांस्कृतिक, प्राकृतिक तथा धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के सशक्त होने की उम्मीद जताई गई है।

इसके अलावा, अंदरूनी इलाकों में हेली सेवाओं के सक्रिय होने से संकटकालीन चिकित्सा सहायता, आपदा प्रबंधन और राहत अभियानों को तीव्रता से संचालित किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस साझेदारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।

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