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यूपीआई पर प्रस्तावित एमडीआर के विरोध में उतरे कारोबारी, नकद लेन-देन पर दिया जा रहा ज़ोर

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Shreyasime / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

डिजिटल भुगतान व्यवस्था में दो हज़ार रुपये से अधिक की राशि पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने के प्रस्ताव के खिलाफ व्यापारिक प्रतिष्ठानों में असंतोष फैलने लगा है। केंद्र सरकार की ओर से इस नए नियम को आगामी 15 अक्टूबर से प्रभावी करने की बात कही गई है। इस संभावित शुल्क के विरोध में सराफा, खाद्यान्न मंडी और इलेक्ट्रॉनिक्स बाज़ारों के कारोबारियों ने क्यूआर स्कैनर हटाने तथा ग्राहकों को नकद भुगतान के लिए प्रेरित करने का क्रम शुरू कर दिया है।

प्रयागराज के चौक सराफा बाज़ार में कई प्रतिष्ठानों ने अपने क्यूआर स्कैनर पलट कर रख दिए हैं। सराफा व्यवसायी दिनेश सिंह, संजय और सुधीर का कहना है कि वे अब यूपीआई के ज़रिये लेन-देन करने से बच रहे हैं और आने वाले ग्राहकों से स्पष्ट रूप से नकदी में भुगतान करने का आग्रह कर रहे हैं। शाहगंज इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट के व्यापारी अनिमेष अग्रवाल और संदीप कुमार के अनुसार फिलहाल ऑनलाइन भुगतान स्वीकारा तो जा रहा है, लेकिन ग्राहकों को अगली बार नकद राशि लेकर आने की सलाह दी जा रही है।

मुट्ठीगंज गल्ला मंडी के थोक व्यवसायी सतीश चंद्र केसरवानी, पंकज कुमार और रमेश केसरवानी ने स्पष्ट किया कि खाद्यान्न का थोक व्यापार कभी दो हज़ार रुपये से कम का नहीं होता है। उनका कहना है कि तीन हज़ार रुपये के सामान की बिक्री पर महज़ पाँच से दस रुपये का अत्यंत सीमित मार्जिन बचता है। ऐसे में 0.4 प्रतिशत शुल्क कटने से पूरा मुनाफा खत्म हो जाएगा, जिसे व्यापारी अपनी जेब से वहन नहीं कर सकते हैं।

कटरा, सुलेमसराय, कोठपार्चा और सिविल लाइंस के बाज़ारों में भी यही रुख दिख रहा है। पेट्रोल पंपों पर भी आने वाले दिनों में नकद भुगतान की व्यवस्था प्रभावी होने से शहर के लगभग 20 लाख वाहन चालकों के सामने मुश्किल आ सकती है। इसके साथ ही इंटरनेट मीडिया के विभिन्न मंचों पर भी इस शुल्क के खिलाफ मुहिम चलाई जा रही है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 अक्टूबर से पहले यह शुल्क वापस नहीं लिया गया, तो डिजिटल लेन-देन पूरी तरह बंद कर कारोबार सिर्फ नकदी में किया जाएगा। उधर उत्तराखंड के ऋषिकेश में भी आगामी त्योहारों के दौरान डिजिटल सुविधा प्रभावित होने के आसार बने हुए हैं।

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