छत्तीसगढ़ कैबिनेट के 19 फैसले: कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा, 3100 रुपये में धान खरीदी और बिजली बिल में राहत

छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिमंडल ने प्रदेश के शासकीय सेवकों और उनके परिजनों को कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराने से जुड़े प्रस्ताव को पारित कर दिया है। समाचार रपटों के अनुसार, मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 19 बड़े नीतिगत फैसले लिए गए। इन निर्णयों में सरकारी तंत्र के कर्मियों की स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ कृषकों और आम विद्युत उपभोक्ताओं से जुड़े अहम विषय भी शामिल हैं।
प्रशासनिक स्तर पर लिए गए इस निर्णय के तहत सरकारी कर्मचारियों एवं उनके परिवार के आश्रित सदस्यों को बिना नकद भुगतान किए उपचार की सुविधा मिल सकेगी। इस व्यवस्था को लेकर कैबिनेट ने औपचारिक रूप से अपनी सहमति प्रदान कर दी है। कर्मचारी कल्याण से जुड़े इस प्रावधान के अलावा मंत्रिपरिषद ने कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी अपनी मुहर लगाई है।
मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत 19 बड़े निर्णयों में धान उपार्जन का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल रहा। राज्य में 3100 रुपये की दर पर धान खरीदी किए जाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा आम लोगों को आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से विद्युत देयकों में राहत देने का भी निर्णय हुआ है। बिजली बिल में छूट मिलने से राज्य के उपभोक्ताओं पर वित्तीय भार कम होने की उम्मीद जताई गई है।
मंथन न्यूज़ की योजना डेस्क के अनुसार, इस कैबिनेट बैठक के मुख्य फैसलों का केंद्र बिंदु शासकीय कर्मी, किसान और आम नागरिक रहे हैं। स्वास्थ्य सरोकारों के तहत सरकारी कर्मचारियों को कैशलेस उपचार का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है, वहीं कृषि क्षेत्र में 3100 रुपये में धान खरीदी की प्रक्रिया तय की गई है। इसके साथ ही घरेलू और अन्य उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में रियायत के प्रावधान को भी औपचारिक स्वीकृति दी गई है। इन सभी फैसलों को लागू करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।