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चक्रवात ‘मुरासु’ का असर: बस्तर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी, रायपुर समेत 16 ज़िलों में यलो अलर्ट

प्रतीकात्मक तस्वीर · फ़ोटो: Timothy A. Gonsalves / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के मौसम में व्यापक बदलाव आया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 16 ज़िलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। बस्तर संभाग के विभिन्न हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। इस मौसमी तंत्र के चलते राज्य के कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। हवा के झोंकों की गति कुछ समय के लिए 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व में सक्रिय रहे ‘अर्नब’ तूफान के बाद बने इस नए चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ पर पड़ा है। दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के बापटला के समीप से गुजरने के बाद यह मौसमी घेरा धीरे-धीरे कमजोर पड़कर अवदाब में तब्दील हो चुका है। इसके बावजूद वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण छत्तीसगढ़ के दक्षिणी और मध्य मैदानी क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।

राजधानी रायपुर में दिनभर बादलों की मौजूदगी के बीच हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना व्यक्त की गई है। बीते दिनों दर्ज आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेण्ड्रा रोड में 16.8 से 17.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। बिलासपुर में अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इससे पूर्व बलरामपुर में सर्वाधिक 50 मिलीमीटर तथा ओरछा में 10 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।

कृषि के लिहाज से यह बेमौसम बरसात उस समय हो रही है जब खेतों में धान की फसल तैयार हो रही है और कटाई का दौर निकट है। तेज अंधड़ और लगातार पानी बरसने से पकी उपज को नुकसान पहुंचने की चिंता किसानों के बीच बढ़ गई है। मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

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