छत्तीसगढ़ में चिकित्सा व्यवस्था बदहाल, सोलह अस्पतालों पर प्राथमिकी की माँग: आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी ने छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक चिकित्सा सेवाओं के संचालन को लेकर राज्य शासन पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी के प्रमुख नेताओं ने सूबे के स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह विफल बताते हुए अनियमितताओं में शामिल सोलह चिकित्सालयों के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का आग्रह किया है। दल का कहना है कि शासकीय लापरवाही के चलते आम नागरिकों को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएँ हासिल करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पार्टी के प्रतिनिधि विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने एक साझा वक्तव्य जारी कर राज्य की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश में चिकित्सीय ढाँचा वर्तमान में वेंटिलेटर पर पहुँच चुका है। स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में मौजूदा प्रशासन का प्रबंधन पूर्ण रूप से निष्प्रभावी साबित हुआ है, जिससे आम जनता के जीवन की सुरक्षा संकट में पड़ गई है।
विपक्षी नेताओं ने प्रांतीय राजधानी रायपुर का विशेष उल्लेख करते हुए संसाधनों की बर्बादी का ब्योरा सामने रखा। उन्होंने कहा कि राजधानी क्षेत्र के सरकारी दवाखानों में प्राणवायु की सतत आपूर्ति सुनिश्चित करने के नाम पर भारी धनराशि व्यय की गई थी। इसके बावजूद माना स्थित सिविल अस्पताल में डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया ऑक्सीजन संयंत्र पिछले तीन वर्षों से निष्क्रिय पड़ा हुआ है।
आप नेताओं के अनुसार जनता के करों से निर्मित यह जीवनरक्षक ढाँचा इतने लंबे समय से ठप पड़ा है, जो विभागीय घोर उपेक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी संयंत्र का संचालन न होना प्रशासनिक विफलता को रेखांकित करता है। पार्टी ने माँग की है कि इस पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय की जाए तथा दोषी पाए जाने वाले सभी सोलह चिकित्सा संस्थानों पर तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कदम उठाए जाएँ।