छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत 4670 नए आवास स्वीकृत, कुल संख्या 76 हजार पार

छत्तीसगढ़ के 27 ज़िलों के 84 नगरीय निकायों के हितग्राहियों के लिए भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने 4670 नए पक्के मकानों के निर्माण को मंज़ूरी दी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नवीनतम स्वीकृति प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण यानी बीएलसी घटक के तहत दी गई है। इस नए आवंटन के साथ प्रदेश में शहरी आवास योजना के विभिन्न घटकों के तहत स्वीकृत कुल पक्के मकानों की संख्या बढ़कर 76 हजार 086 तक पहुँच गई है।
उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, इस हालिया मंज़ूरी से पहले राज्य में लाभार्थी आधारित निर्माण श्रेणी के अंतर्गत 55 हजार 953 हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए थे। इसके साथ ही भागीदारी में किफायती आवास यानी एएचपी श्रेणी के तहत 15 हजार 463 मकान पहले से अधिकृत थे। इस प्रकार दोनों श्रेणियों को मिलाकर राज्य में 71 हजार 416 मकान पूर्व में मंज़ूर किए जा चुके थे। अब बीएलसी घटक में 4670 अतिरिक्त निर्माण जुड़ने से इस श्रेणी का कुल योग 60 हजार 623 तक पहुँच गया है, जबकि एएचपी घटक के स्वीकृत मकानों की संख्या 15 हजार 463 पर यथावत है।
शासकीय स्तर पर बताया गया है कि यह स्वीकृति राज्य के छोटे और बड़े शहरों में रहने वाले ज़रूरतमंद परिवारों को पक्की छत उपलब्ध कराने की दिशा में दी गई है। बीएलसी योजना की तय व्यवस्था के तहत चयनित पात्र व्यक्तियों को अपने निजी भूखंड पर निर्माण पूरा करने के लिए निर्धारित सहायता दी जाती है। इससे प्रदेश के 84 नगरीय निकायों में निवासरत हज़ारों शहरी हितग्राहियों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, राज्य प्रशासन हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि 4670 नए आवासों की मंज़ूरी से हज़ारों शहरी परिवारों के पक्के मकान का सपना साकार होगा और यह कदम उनके बेहतर भविष्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा है। वहीं उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने इस फैसले को नगरीय विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।